17 फरवरी 2026 को हिन्दू कन्या महाविद्यालय में नई शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत इंटर्नशिप विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक शिक्षा, कौशल विकास तथा रोजगारोन्मुख अवसरों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम का संचालन इंटर्नशिप समन्वयक डॉ उपासना गर्ग द्वारा किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्राचार्या डॉ पूनम मोर ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार की यह कार्यशाला विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के प्रत्येक पहलू को समझने में मदद करेगी। तत्पश्चात कार्यक्रम संयोजिका डॉ उपासना गर्ग ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए इंटर्नशिप के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति में इंटर्नशिप को शिक्षा का अभिन्न अंग बनाया गया है, जिससे छात्र-छात्राओं को वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव प्राप्त होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों—जैसे उद्योग, शिक्षा, सामाजिक संस्थाएँ तथा स्टार्टअप—में उपलब्ध इंटर्नशिप अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि इंटर्नशिप से न केवल आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि संचार कौशल, टीम वर्क तथा समस्या-समाधान क्षमता का भी विकास होता है।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और इंटर्नशिप प्रक्रिया, आवेदन पद्धति तथा प्रमाणपत्र के महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की। अंत में डॉ उपासना ने छात्रों को सलाह दी कि वे अपने रुचि क्षेत्रों के अनुसार इंटर्नशिप का चयन करें और अपने करियर निर्माण की दिशा में सक्रिय कदम उठाएँ। इस अवसर पर कार्यक्रम की सह संयोजिका श्री मती रेखा सैनी, डॉ गीता गुप्ता, श्री मती अंजू, कुमारी वंशिका एवं कुमारी ज्योतिका ने भी अपना सहयोग दिया। लगभग 150 छात्राओं ने उपस्थित रह कर इस कार्यशाला का लाभ उठाया।